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Tuesday, January 27, 2026

चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट ने कला शिक्षा के माध्यम से सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया

अररिया, बिहार

भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा वैश्विक परीक्षा बोर्ड चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट (CSA) एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता के कारण सुर्खियों में है। वर्ष 1999 में स्थापित यह प्रतिष्ठित संस्था आज भारत के 23 राज्यों में फैले अपने सैकड़ों संबद्ध केंद्रों के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कला शिक्षा प्रदान कर रही है।

इसी कड़ी में बिहार के अररिया जिले में संचालित चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट के संबद्ध संस्थान योगेन्द्र चन्द्रकला संगीत महाविद्यालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है। संस्थान से प्रशिक्षित 30 से अधिक विद्यार्थियों ने चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट की परीक्षाएँ सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के उपरांत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित STET 2025 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर जिले और राज्य का नाम गौरवान्वित किया है।

विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि इन सभी विद्यार्थियों ने चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट से प्रमाणन प्राप्त करने के बाद ही STET जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में भाग लिया, जिससे यह सिद्ध होता है कि चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट की कला-आधारित शिक्षा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

संस्थान की निदेशक नयन कुमार , जो कई वर्षों से चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट से जुड़ी हुई हैं, के कुशल मार्गदर्शन एवं समर्पित प्रयासों से विद्यार्थियों को न केवल कला शिक्षा में दक्ष बनाया जा रहा है, बल्कि उन्हें शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी मानसिक, बौद्धिक और रचनात्मक रूप से तैयार किया जा रहा है।

डॉ. कौशिक सिन्हा एवं डॉ. परवीन सिन्हा के दूरदर्शी नेतृत्व, श्रीमती प्रियंका घोष के उत्कृष्ट समन्वय तथा स्वर्गीय श्रीमती छाया सिन्हा की प्रेरणादायक विरासत से प्रेरित होकर, चंडीगढ़ छाया स्कूल ऑफ आर्ट आज बिहार सहित पूरे देश के युवाओं के लिए शिक्षा, संस्कृति, सृजनात्मकता और सफलता का एक सशक्त एवं विश्वसनीय मंच बनकर उभर रहा है।

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